आरसीबी का नया अध्याय: 1.78 अरब डॉलर में बिकी फ्रेंचाइजी, आदित्य बिड़ला-टाइम्स ग्रुप संघ ने ली कमान

By mraayanshh@gmail.com

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आईपीएल के इतिहास में सबसे बड़े कॉरपोरेट ट्रांजैक्शन में से एक हुआ है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), जिसने 2025 में अपना पहला खिताब जीता था, अब नए मालिकों के हाथों में चली गई है। आदित्य बिड़ला ग्रुप (एबीजी), टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप (टीओआई), बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन के निवेश समूह ने संयुक्त रूप से इस फ्रेंचाइजी को खरीदा है। इस डील की कीमत 1.78 अरब डॉलर (लगभग 16,706 करोड़ रुपये) है।

यह अधिग्रहण उस समय हुआ है जब पिछले मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) पर आरसीबी को बेचने का दबाव था। जून 2025 में खिताबी जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया था। अब, नए मालिकों के हाथों में यह फ्रेंचाइजी अपने इतिहास के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही है।

कितने में हुई डील? पूरा समीकरण

क्रिकबज को मिली जानकारी के मुताबिक, चार समूहों के इस संघ ने यूके स्थित डियाजियो पीएलसी की सहायक कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) के साथ एक निश्चित समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस डील के तहत आरसीबी के पुरुष और महिला (डब्ल्यूपीएल) दोनों टीमों का 100 प्रतिशत हिस्सा खरीदा गया है।

यह डील 1.78 अरब डॉलर (INR 16,706 करोड़) की है। आईपीएल फ्रेंचाइजी के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। नए मालिकों की ओर से एंडवू कैपिटल, मोएलिस और खैतान एंड कंपनी ने सलाहकार और कानूनी सलाह का काम किया, जबकि विक्रेता की ओर से सिटी इंडिया और एजेडबी पार्टनर्स ने सलाह दी।

कौन है नए मालिकों के संघ में?

इस संघ में चार प्रमुख नाम हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास अलग-अलग विशेषज्ञता है:

  • आदित्य बिड़ला ग्रुप (ABG): भारत के सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों में से एक। कुमार मंगलम बिड़ला के नेतृत्व वाला यह समूह सीमेंट, धातु, वस्त्र, दूरसंचार और खुदरा सहित कई क्षेत्रों में मौजूद है।
  • टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप (ToI): भारत की सबसे बड़ी मीडिया समूह। इसके पास मीडिया, डिजिटल, स्पोर्ट्स और मनोरंजन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। (गौरतलब है कि क्रिकबज भी टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड के स्वामित्व में है, जो टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप की सहायक कंपनी है।)
  • बोल्ट वेंचर्स (Bolt): डेविड ब्लिट्जर का निवेश समूह। ब्लिट्जर अमेरिकी खेल फ्रेंचाइजी में निवेश के लिए जाने जाते हैं। उनके पास अमेरिका की बास्केटबॉल टीम फिलाडेल्फिया 76र्स और आइस हॉकी टीम न्यू जर्सी डेविल्स में हिस्सेदारी है।
  • ब्लैकस्टोन (BXPE): दुनिया की सबसे बड़ी निजी इक्विटी फर्मों में से एक। भारत में इसका निवेश लंबे समय से रहा है और अब यह पहली बार आईपीएल फ्रेंचाइजी में उतरा है।

नया नेतृत्व: आर्यमन बिड़ला बने अध्यक्ष

नई संरचना के तहत, आदित्य बिड़ला ग्रुप के निदेशक आर्यमन विक्रम बिड़ला आरसीबी के अध्यक्ष होंगे। वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के सत्यन गजवानी उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। यह दोनों मिलकर फ्रेंचाइजी की रणनीतिक दिशा तय करेंगे।

आर्यमन बिड़ला खुद भी क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। वह पेशेवर क्रिकेटर रह चुके हैं और मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। यह अनुभव उन्हें फ्रेंचाइजी के क्रिकेटिंग पक्ष को समझने में मदद करेगा।

सत्यन गजवानी टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड के अध्यक्ष हैं और डिजिटल मीडिया और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनका गहरा अनुभव है। उनकी भूमिका आरसीबी के ब्रांड और फैन बेस को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने में अहम होगी।

क्यों बेचनी पड़ी आरसीबी?

आरसीबी आईपीएल की उन आठ मूल फ्रेंचाइजी में से एक थी, जिसे 2008 में विजय माल्या ने 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था। 2016 में माल्या के भारत छोड़ने के बाद यूके स्थित डियाजियो ने यूएसएल का अधिग्रहण कर लिया और आरसीबी उनके पास चली गई।

हालांकि, 4 जून 2025 को आरसीबी की खिताबी जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 प्रशंसकों की मौत के बाद कंपनी पर दबाव बनना शुरू हुआ। क्रिकेट डियाजियो का मुख्य व्यवसाय नहीं है, ऐसे में कंपनी ने फ्रेंचाइजी को बेचने का फैसला किया। पिछले साल नवंबर में क्रिकबज ने सबसे पहले इस खबर की पुष्टि की थी कि डियाजियो 31 मार्च तक बिक्री प्रक्रिया पूरी कर लेगा।

यूएसएल के एमडी और सीईओ प्रवीण सोमेश्वर ने कहा, “यह लेनदेन यूएसएल के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि हम अपने मुख्य व्यवसाय शराब पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आरसीबी आईपीएल और डब्ल्यूपीएल में सबसे प्रमुख और व्यावसायिक रूप से सफल फ्रेंचाइजी बन चुकी है। हम नए मालिकों के लिए उत्साहित हैं।”

नए मालिकों ने क्या कहा?

इस ऐतिहासिक अधिग्रहण पर सभी नए मालिकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है:

कुमार मंगलम बिड़ला, अध्यक्ष, आदित्य बिड़ला ग्रुप:
“पिछले दो दशकों में आईपीएल ने एक वैश्विक खेल शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई है। आरसीबी आधुनिक खेल की सबसे सम्मोहक फ्रेंचाइजी में से एक है। हम इस परिसंपत्ति के संरक्षक बनकर प्रसन्न हैं और इस विरासत को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

सत्यन गजवानी, अध्यक्ष, टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड:
“आरसीबी मौजूदा चैंपियन और आईपीएल का सबसे लोकप्रिय ब्रांड है। टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के रूप में, अपने साझेदारों के साथ, हम आरसीबी को एक वैश्विक खेल संस्थान के रूप में विकसित करेंगे। हम उन लोगों के प्रति प्रतिबद्ध हैं जिन्होंने इस चैंपियनशिप संस्कृति का निर्माण किया—खिलाड़ी, कोच, नेतृत्व टीम और प्रशंसक।”

डेविड ब्लिट्जर, बोल्ट वेंचर्स:
“आरसीबी के पास विश्व स्तरीय फैनबेस है, और आईपीएल वैश्विक खेल में सबसे बड़ी विकास कहानियों में से एक है। दुनिया भर में क्लबों और लीगों में निवेश करने के बाद, मेरा मानना है कि आरसीबी का अवसर अलग है।”

विरल पटेल, सीईओ, बीएक्सपीई (ब्लैकस्टोन):
“हम भारत के प्रति ब्लैकस्टोन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए आरसीबी में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं। आरसीबी दुनिया की सबसे लोकप्रिय खेल फ्रेंचाइजी में से एक है, जिसके पास एक शक्तिशाली ब्रांड और वफादार फैन बेस है।”

फैंस के लिए क्या बदलेगा? क्या नहीं बदलेगा?

नए मालिकों के आने से आरसीबी के प्रशंसकों के मन में एक बड़ा सवाल है: क्या बदलेगा?

क्या नहीं बदलेगा:

  • टीम का नाम ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ बना रहेगा।
  • टीम का लोगो, रंग (लाल और सुनहरा), और ‘प्ले बोल्ड’ की फिलॉसफी जारी रहेगी।
  • बेंगलुरु और कर्नाटक से टीम का जुड़ाव बरकरार रहेगा। नए मालिकों ने साफ कहा है कि टीम ‘बेंगलुरु में जड़ें जमाए रखेगी’।
  • मौजूदा खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और क्रिकेट ऑपरेशंस पर फिलहाल कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

क्या बदल सकता है:

  • फ्रेंचाइजी के वाणिज्यिक और ब्रांडिंग पक्ष में नई ऊर्जा आएगी। टाइम्स ग्रुप के आने से मीडिया और डिजिटल उपस्थिति मजबूत होगी।
  • ब्लैकस्टोन और बोल्ट वेंचर्स के वैश्विक अनुभव से फ्रेंचाइजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
  • दीर्घकालिक रणनीति में बदलाव संभव है, लेकिन वह समय के साथ दिखेगा।

यह डील क्यों है ऐतिहासिक?

यह अधिग्रहण कई मायनों में ऐतिहासिक है:

  1. सबसे बड़ी डील: 1.78 अरब डॉलर का यह मूल्य आईपीएल फ्रेंचाइजी के लिए अब तक का सबसे ऊंचा है। यह दर्शाता है कि आईपीएल का मूल्य कितना बढ़ गया है।
  2. भारतीय कॉरपोरेट की वापसी: पिछले कुछ वर्षों में आईपीएल फ्रेंचाइजी में अंतरराष्ट्रीय निवेश बढ़ा था। इस डील में दो बड़े भारतीय कॉरपोरेट घरानों (आदित्य बिड़ला और टाइम्स ग्रुप) का आना भारतीय उद्योग की आईपीएल में दिलचस्पी को दर्शाता है।
  3. खेल और मीडिया का गठजोड़: एक प्रमुख खेल फ्रेंचाइजी और भारत के सबसे बड़े मीडिया समूह का यह गठजोड़ खेल व्यवसाय के लिए एक नया मॉडल पेश कर सकता है।
  4. ब्लैकस्टोन का पहला कदम: दुनिया की सबसे बड़ी निजी इक्विटी फर्म का आईपीएल में प्रवेश, जो इस लीग को एक परिपक्व और स्थिर निवेश विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की राह: बीसीसीआई की मंजूरी बाकी

यह अधिग्रहण अभी पूरी तरह से अंतिम नहीं हुआ है। डील को बीसीसीआई (आईपीएल और डब्ल्यूपीएल के नियामक), भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और अन्य संबंधित नियामक अधिकारियों की मंजूरी की आवश्यकता है। यह एक औपचारिक प्रक्रिया है, और उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में यह मंजूरी मिल जाएगी।

इस बीच, आरसीबी की टीम अपने खिताब बचाव के लिए तैयार है। टीम का पहला मैच 28 मार्च को है। नए मालिकों की पहली परीक्षा मैदान के बाहर नहीं, बल्कि मैदान के अंदर होगी—क्या आरसीबी अपने खिताब की रक्षा कर पाएगी?

निष्कर्ष: आरसीबी 2.0 की शुरुआत

आरसीबी के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है। 17 साल के लंबे इंतजार के बाद 2025 में खिताब जीतने वाली टीम अब नए मालिकों के हाथों में है। आदित्य बिड़ला ग्रुप, टाइम्स ग्रुप, ब्लैकस्टोन और बोल्ट वेंचर्स का यह संघ फ्रेंचाइजी को वैश्विक स्तर पर ले जाने की क्षमता रखता है।

प्रशंसकों के लिए, यह बदलाव रोमांचक है, लेकिन साथ ही थोड़ी अनिश्चितता भी लेकर आया है। हालांकि, नए मालिकों ने साफ कर दिया है कि टीम की पहचान, उसका नाम, रंग और बेंगलुरु से जुड़ाव बरकरार रहेगा। अब देखना यह होगा कि यह नया अध्याय आरसीबी के इतिहास में कैसे लिखा जाता है।

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