चेपॉक में मचा कार्निवाल! जिम्बाब्वे को रौंद भारत ने सेमीफाइनल की राह की आसान

By mraayanshh@gmail.com

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जीत की अनिवार्य शर्त, हार का खतरा और 90 फीसदी उम्मीदें धराशायी। ऐसे दबाव के मैच में भारत ने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम को रनों का मेला बना दिया। गुरुवार को सुपर-8 के इस ‘डू-ऑर-डाई’ मुकाबले में टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 72 रनों से पीटकर न सिर्फ अपने वर्ल्ड कप सपने को जिंदा रखा, बल्कि T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर (256/4) भी ठोक दिया।

चेपॉक की पिच पर आमतौर पर स्पिनर्स की मदद देखने को मिलती है, लेकिन गुरुवार को तो मानो सिर्फ बल्लेबाजों का राजा था। भारत ने बल्ले से ऐसा कहर बरपाया कि जिम्बाब्वे के गेंदबाज हतप्रभ रह गए। यह जीत सिर्फ दो अंकों की नहीं, बल्कि एक मिशन को जारी रखने की जंग थी।

अभिषेक का जागरण, संजू का जज्बा

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद सबसे बड़ा सवाल भारत के सलामी जोड़ी को लेकर था। अभिषेक शर्मा लगातार नाकाम हो रहे थे और उनके आक्रामक रवैये पर सवाल उठ रहे थे। टीम मैनेजमेंट ने भरोसा दिखाया और अभिषेक ने उसे लौटाया सिर्फ 30 गेंदों में 55 रन बनाकर। उनके बल्ले से निकले चौके-छक्के उस आक्रोश की कहानी कह रहे थे जो पिछले कुछ मैचों में उनके अंदर दबा था।

अभिषेक के साथ ओपनिंग करने उतरे संजू सैमसन ने भी अपनी धमक बरकरार रखी। भले ही वह सिर्फ 24 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनका तेजतर्रार अंदाज अभिषेक के लिए टोन सेट कर गया। ईशान किशन (38) और सूर्यकुमार यादव (33) ने भी आग में घी डालने का काम किया। इन सबके बीच टीम का रन रेट 10 के ऊपर ही बना रहा, जो एक बड़ी उपलब्धि थी।

हार्दिक-तिलक का तूफान: 31 गेंदों में 84 रन

अगर टॉप ऑर्डर ने नींव रखी, तो हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने छत गिरा दी। इन दोनों ने मिलकर सिर्फ 31 गेंदों में नाबाद 84 रन जोड़े। हार्दिक पांड्या ने 23 गेंदों में 50 रन ठोककर साबित कर दिया कि डेथ ओवर्स में उनसे बेहतर बल्लेबाज कोई नहीं है। आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर उन्होंने न सिर्फ अपना अर्धशतक पूरा किया, बल्कि स्टेडियम में मौजूद हर भारतीय फैन को झूमने पर मजबूर कर दिया।

तिलक वर्मा तो कमाल ही कर गए। सिर्फ 16 गेंदों में 44 रन, और वो भी 275 के स्ट्राइक रेट से। उनकी इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। तिलक ने जिस अंदाज में गेंदबाजों की पिटाई की, वो देखते ही बनता था।

ब्रायन बेनेट का अकेला संघर्ष

भारत के 257 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करना जिम्बाब्वे के लिए किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं था। लेकिन उनके युवा बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने हार नहीं मानी। उन्होंने नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों को खूब पसीना निकाला। वो सिर्फ एक छक्के से अपना शतक चूक गए, लेकिन उनकी इस पारी ने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने शिवम दुबे की एक ओवर में 26 रन बटोर लिए, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई साथ नहीं मिला।

अर्शदीप ने रचा इतिहास

जहां बल्लेबाज सुर्खियां बटोर रहे थे, वहीं अर्शदीप सिंह ने चुपके से इतिहास रच दिया। उन्होंने 3 विकेट लेकर T20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। उनकी यॉर्कर गेंदों के सामने जिम्बाब्वे का मिडिल ऑर्डर टिक ही नहीं पाया। भले ही बेनेट एक छोर पर डटे थे, लेकिन अर्शदीप ने दूसरे छोर से विकेट निकालकर रन रेट को हमेशा भारत के पक्ष में रखा।

अब कोलकाता में होगी फाइट: वेस्टइंडीज बनाम इंडिया

इस जीत ने ग्रुप-1 का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। भारत का नेट रन रेट जो -3.800 था, वो अब सुधरकर -0.100 हो गया है। अब सबकुछ एक मैच पर टिका है।

  • वेन्यू: ईडन गार्डन्स, कोलकाता
  • मैच: भारत बनाम वेस्टइंडीज
  • दांव: जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में, हारने वाली टीम बाहर।

यह मैच वर्चुअल क्वार्टरफाइनल से कम नहीं है। वेस्टइंडीज जैसी धाकड़ टीम के खिलाफ ईडन गार्डन्स में यह मुकाबला देखने लायक होगा। टीम इंडिया के पास आत्मविश्वास तो है, लेकिन कैरेबियाई टीम को कम आंकना भारी पड़ सकता है।

क्या उम्मीद करें कोलकाता में?

ईडन गार्डन्स की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार होती है, लेकिन स्पिनर्स को भी कुछ मदद मिलती है। भारत को अपनी गेंदबाजी पर और मजबूती से काम करना होगा, क्योंकि वेस्टइंडीज के पास पॉवर-हिटर्स की कमी नहीं है। बल्लेबाजी में हालांकि टीम शानदार फॉर्म में है और इसी फॉर्म को कोलकाता में भी जारी रखना होगा। यह मैच सिर्फ सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए भी अहम होगा।

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