सीएसके को एक और झटका: एलिस के रिप्लेसमेंट स्पेंसर जॉनसन भी नहीं होंगे उपलब्ध, चूकेंगे आईपीएल का पहला हाफ

By mraayanshh@gmail.com

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चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। नाथन एलिस के चोटिल होकर पूरे सीजन से बाहर होने के बाद टीम ने स्पेंसर जॉनसन को उनके रिप्लेसमेंट के रूप में शामिल किया था। लेकिन अब यह रिप्लेसमेंट भी टीम को तुरंत उपलब्ध नहीं होगा। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन आईपीएल के पहले हाफ में नहीं खेल पाएंगे, यानी वह 21 से 23 अप्रैल के बीच ही टीम से जुड़ पाएंगे।

यह खबर उस समय आई है जब सीएसके पहले से ही तेज गेंदबाजी विभाग में संकट से जूझ रही है। जॉनसन की अनुपलब्धता का मतलब है कि टीम को अपने शुरुआती मैचों में अन्य गेंदबाजों पर निर्भर रहना होगा।

स्पेंसर जॉनसन क्यों नहीं होंगे उपलब्ध?

स्पेंसर जॉनसन पिछले कुछ समय से पीठ की चोट से जूझ रहे थे। पिछले साल आईपीएल के दौरान उनकी पीठ में चोट लग गई थी, जिसके बाद वह बीबीएल और 2026 टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए थे। अब वह धीरे-धीरे गेंदबाजी में वापसी कर रहे हैं।

साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने वाले जॉनसन फिलहाल अपने एक्शन में बदलाव कर रहे हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कोच और पूर्व आईपीएल खिलाड़ी मार्कस हैरिस उनके साथ काम कर रहे हैं। हैरिस ने बताया कि जॉनसन की पीठ अब पूरी तरह ठीक है, लेकिन आईपीएल में जाने से पहले वह कुछ और गेंदबाजी करेंगे और उसके बाद ही टीम से जुड़ेंगे।

हैरिस ने कहा, “जॉनसन की पीठ पूरी तरह ठीक हो चुकी है। पिछले 8-10 महीनों में वह इससे तंग थे। लेकिन अच्छी खबर यह है कि वह गेंदबाजी में वापस आ चुके हैं। आईपीएल में जाने से पहले वह कुछ गेंदबाजी करेंगे। हम इस पर काम कर रहे हैं।”

जॉनसन के बिना सीएसके का पेस अटैक कैसा दिखेगा?

स्पेंसर जॉनसन की अनुपलब्धता के बाद सीएसके के पास शुरुआती मैचों के लिए तेज गेंदबाजी के अन्य विकल्प हैं:

  • मैट हेनरी: न्यूजीलैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार टीम की अगुआई की है।
  • जैक फॉल्क्स: न्यूजीलैंड के युवा तेज गेंदबाज, जो अपनी सटीकता के लिए जाने जाते हैं।
  • जेमी ओवरटन: इंग्लैंड के ऑलराउंडर, जो तेज गेंदबाजी और निचले क्रम में बल्लेबाजी में योगदान दे सकते हैं।
  • खलील अहमद: भारतीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज, जो पॉवरप्ले में स्विंग कराने की क्षमता रखते हैं।
  • मुकेश चौधरी: चेन्नई के घरेलू तेज गेंदबाज, जिन्हें पिछले सीजन में कुछ मौके मिले थे।
  • अंशुल कंबोज और गुरजप्रीत सिंह: युवा भारतीय गेंदबाज, जो टीम की बेंच स्ट्रेंथ को मजबूती देते हैं।

हेनरी और ओवरटन के पास आईपीएल का अनुभव है, जबकि फॉल्क्स के लिए यह पहला आईपीएल होगा। खलील अहमद को भी अब अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

कैमरन ग्रीन पर भी होगी निर्भरता

सीएसके ने इस बार ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन को टीम में शामिल किया है। ग्रीन ने आईपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन किया था और वह बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी टीम को संतुलन दे सकते हैं। जॉनसन की अनुपलब्धता के दौरान ग्रीन से तेज गेंदबाजी के कुछ ओवर करवाने की उम्मीद की जा सकती है।

ग्रीन की ऑलराउंड क्षमता सीएसके को फ्लेक्सिबिलिटी देगी। वह टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं और मिडिल ओवर्स में गेंदबाजी भी।

स्पिनर्स पर टिकी होगी सीएसके की नजर

सीएसके की सबसे बड़ी ताकत उनके स्पिनर्स हैं। रवींद्र जडेजा के जाने के बाद भी टीम के पास नूर अहमद और आर अश्विन जैसे अनुभवी स्पिनर्स हैं। वानिंदु हसरंगा भी टीम का हिस्सा हैं। स्पिन विभाग की मजबूती के कारण सीएसके तेज गेंदबाजी की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है।

लेकिन चेन्नई के घरेलू मैदान चेपॉक में भी अब पिछले कुछ सालों से स्पिनर्स को उतनी मदद नहीं मिल रही जितनी पहले मिलती थी। ऐसे में तेज गेंदबाजों की कमी टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।

सीएसके के लिए यह झटका कितना बड़ा है?

स्पेंसर जॉनसन का पहले हाफ में न होना सीएसके के लिए एक और झटका है। पहले ही नाथन एलिस चोटिल होकर बाहर हो चुके हैं, मथीशा पथिराना भी शुरुआती मैचों में नहीं हैं। अब जॉनसन भी टीम के साथ देरी से जुड़ेंगे। इसका मतलब है कि सीएसके को अपने पहले 5-6 मैचों में तेज गेंदबाजी के सीमित विकल्पों के साथ खेलना होगा।

हालांकि, सीएसके की टीम ने हमेशा संकटों से उबरने की क्षमता दिखाई है। टीम का सपोर्ट स्टाफ और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के पास इन परिस्थितियों में सही कॉम्बिनेशन चुनने की चुनौती होगी। अगर टीम शुरुआती मैचों में मजबूत शुरुआत कर लेती है, तो जॉनसन के आने के बाद गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत हो जाएगा।

फैंस में निराशा और चिंता

सीएसके के फैंस सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं। एक फैन ने लिखा, “पहले एलिस गए, अब जॉनसन भी नहीं होंगे। सीएसके की तेज गेंदबाजी बहुत कमजोर दिख रही है।” वहीं एक अन्य फैन ने कहा, “सीएसके की ताकत हमेशा स्पिन रही है। अब देखते हैं कि नूर अहमद और अश्विन कैसा प्रदर्शन करते हैं।”

आगे की राह

सीएसके के लिए अब जरूरी है कि वह शुरुआती मैचों में अपने मौजूदा संसाधनों का अधिकतम उपयोग करे। खलील अहमद और मैट हेनरी को पॉवरप्ले में स्विंग करानी होगी। जेमी ओवरटन और कैमरन ग्रीन से डेथ ओवरों में गेंदबाजी करवानी होगी। स्पिनर्स को मिडिल ओवरों में दबाव बनाना होगा।

सीएसके का पहला मैच 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स से है। तब तक टीम के पास अपनी रणनीति पर काम करने का समय है। जॉनसन 21-23 अप्रैल के बीच टीम से जुड़ेंगे, जिसके बाद सीएसके की गेंदबाजी को मजबूती मिल सकती है। तब तक टीम को अपने बल्लेबाजों पर निर्भर रहना होगा।

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