17 साल का इंतजार। आंसू, निराशा, और फिर आखिरकार 2025 में अहमदाबाद में एक ऐतिहासिक रात। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था, और पंजाब किंग्स को मात देने वाली उस जीत का जश्न पूरे बेंगलुरु ने मनाया था। लेकिन उस जश्न के बाद का सन्नाटा, वो त्रासदी जिसने शहर को हिलाकर रख दिया—अब RCB एक नए सीजन की शुरुआत कर रही है, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदले हुए हैं।
आईपीएल 2026 में RCB का सफर उतार-चढ़ाव से भरा हो सकता है। टीम के पास लगभग वही कोर है जिसने खिताब जीता था, लेकिन गेंदबाजी विभाग में दो बड़ी कमियां हैं—जोश हेजलवुड की शुरुआती अनुपलब्धता और यश दयाल का पूरे सीजन से बाहर होना। सवाल है: क्या RCB अपनी डिप्लीटेड सीम संसाधनों के साथ चैंपियन जैसा प्रदर्शन जारी रख पाएगी?
चिन्नास्वामी की वापसी: त्रासदी के बाद नई शुरुआत
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पिछली बार 17 मई 2025 को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच खेला गया था। उसके बाद, 4 जून को RCB की खिताबी जीत के जश्न के दौरान स्टेडियम के आसपास हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस त्रासदी के बाद स्टेडियम में क्रिकेट पर रोक लगा दी गई थी।
करीब 10 महीने बाद, अब चिन्नास्वामी फिर से क्रिकेट के लिए तैयार है। सरकार द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ समिति ने स्टेडियम के इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए काम को मंजूरी दे दी है। RCB इस सीजन में अपने सात घरेलू मैचों में से पांच यहीं खेलेगी, जबकि दो मैच रायपुर में होंगे।
गेंदबाजी विभाग में दोहरा झटका
RCB के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनके तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर है:
जोश हेजलवुड की अनुपलब्धता: ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज, जो IPL 2025 में RCB के स्टार गेंदबाज थे, शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं होंगे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उनके वर्कलोड पर नजर रख रहा है, आगामी व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए। हेजलवुड कब तक टीम से जुड़ेंगे, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है।
यश दयाल का पूरे सीजन से बाहर: बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज की अनुपस्थिति की पुष्टि RCB ने मंगलवार को कर दी। दयाल प्री-सीजन प्रैक्टिस में भी शामिल नहीं हुए थे, और अब वह पूरे IPL 2026 से बाहर हो चुके हैं।
इन दोनों के न होने का मतलब है कि RCB की तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी अब भुवनेश्वर कुमार पर आ गई है। 35 वर्षीय भुवनेश्वर, जो अपने अनुभव और स्विंग के लिए जाने जाते हैं, अब पॉवरप्ले और डेथ ओवरों दोनों में टीम की रीढ़ होंगे।
संभावित प्लेइंग इलेवन: कैसे दिख सकती है RCB?
- विराट कोहली
- फिल साल्ट*
- देवदत्त पडिक्कल
- रजत पाटीदार (कप्तान)
- जितेश शर्मा (विकेटकीपर)
- जैकब बेथेल*
- टिम डेविड/रोमारियो शेफर्ड*
- क्रुणाल पांड्या
- भुवनेश्वर कुमार
- सुयश शर्मा
- जैकब डफी*
- मंगेश यादव
*विदेशी खिलाड़ी
नया चेहरा: मंगेश यादव पर होगी नजर
RCB ने इस सीजन के लिए जिन नए खिलाड़ियों पर दांव लगाया है, उनमें सबसे चर्चित नाम है मध्य प्रदेश के 23 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मंगेश यादव का। RCB ने उन्हें 5.2 करोड़ रुपये में खरीदा है।
मंगेश ने मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग 2025 में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में ध्यान खींचा था। इसके बाद उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी मध्य प्रदेश के लिए दो मैचों में तीन विकेट लिए। उनकी विशेषता 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने की क्षमता है। यश दयाल की जगह वह सीधे प्लेइंग इलेवन में उतर सकते हैं, और उनके पास “अननोन फैक्टर” का फायदा होगा—विपक्षी टीमों के पास उनके बारे में ज्यादा फुटेज नहीं है।
जैकब डफी: न्यूजीलैंड का नया विकल्प
हेजलवुड की अनुपलब्धता को देखते हुए RCB ने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जैकब डफी को 2 करोड़ रुपये में टीम में शामिल किया है। डफी ने न्यूजीलैंड के लिए 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, और वह अपनी सटीकता और स्विंग के लिए जाने जाते हैं। वह शुरुआती मैचों में हेजलवुड की जगह ले सकते हैं।
आंकड़े बताते हैं RCB की ताकत
- विराट कोहली का रिकॉर्ड: 2023, 2024 और 2025 में लगातार तीन सीजन 600 से अधिक रन बनाने वाले कोहली, क्रिस गेल (2011-2013) और केएल राहुल (2020-2022) की सूची में शामिल हैं। क्या वह चौथी बार यह कारनामा दोहरा पाएंगे?
- बल्लेबाजी की रफ्तार: पिछले दो सीजन में RCB का बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट सनराइजर्स हैदराबाद के बाद दूसरे स्थान पर रहा है।
- गेंदबाजी की सटीकता: पिछले सीजन में RCB की इकॉनमी रेट सभी टीमों में दूसरी सर्वश्रेष्ठ रही थी। यह आंकड़ा इस सीजन में कायम रखना चुनौती होगी।
रोमारियो शेफर्ड: एक अनदेखा दम
कैरेबियाई ऑलराउंडर रोमारियो शेफर्ड उन पांच खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने पिछले आईपीएल के बाद से टी20 क्रिकेट में 800 से अधिक रन बनाए और 40 से अधिक विकेट लिए हैं। वह निचले क्रम में बल्लेबाजी को गहराई दे सकते हैं और डेथ ओवरों में गेंदबाजी भी कर सकते हैं। RCB के पास विदेशी खिलाड़ियों के चयन में शेफर्ड, टिम डेविड और जैकब बेथेल के बीच चुनाव की चुनौती होगी।
फैंस की उम्मीद और चुनौती
RCB के फैंस, जिन्होंने 17 साल के लंबे इंतजार के बाद खिताब का स्वाद चखा है, इस बार से और भी अधिक उम्मीदें लगा रहे हैं। लेकिन हेजलवुड और दयाल की अनुपस्थिति ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। फैंस की निगाहें अब मंगेश यादव जैसे नए चेहरों पर टिकी हैं।
सवाल यह भी है कि RCB रायपुर में अपने दो घरेलू मैचों में कैसा प्रदर्शन करेगी। चिन्नास्वामी की तुलना में रायपुर की पिच धीमी है, जहां स्पिनर्स की भूमिका अहम होगी। क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा पर जिम्मेदारी बढ़ जाएगी।
निष्कर्ष: गहराई की परीक्षा
RCB के पास वही बल्लेबाजी कोर है जिसने उन्हें खिताब दिलाया—कोहली, साल्ट, पडिक्कल, पाटीदार। लेकिन गेंदबाजी में कमी उनकी सबसे बड़ी चुनौती है। हेजलवुड के शुरुआती मैचों में न होने और दयाल के पूरे सीजन से बाहर होने से RCB की गेंदबाजी की गहराई कम हो गई है।
अब देखना यह होगा कि भुवनेश्वर कुमार अनुभव के दम पर इस कमी को कितना पूरा कर पाते हैं। मंगेश यादव और जैकब डफी जैसे नए चेहरे कितना योगदान देते हैं। और सबसे अहम—RCB का कोचिंग स्टाफ इन सीमित संसाधनों के साथ सही कॉम्बिनेशन तलाश पाता है या नहीं।
खिताब बचाना हमेशा मुश्किल होता है। डिप्लीटेड गेंदबाजी के साथ यह और भी मुश्किल हो जाता है। RCB के लिए IPL 2026 उनकी गहराई, उनकी योजना और उनके चैंपियन स्पिरिट की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।







